तवक्को है कहां उसको, कुर्बत की, वफाओं की, वो शायर है, मुहब्बत के नए कुछ दर्द चाहता है
जगजीत काफ़िर
तवक्को = उम्मीद, चाहत कुर्बत = नज़दीकी
No comments:
Post a Comment